శోధన

    వెబ్‌సైట్ భాషను ఎంచుకోండి

    జీడీపీఆర్ అనుగుణ్యత

    మా వెబ్‌సైట్‌లో మీకు ఉత్తమ అనుభవం అందించడానికి మేము కుకీలను ఉపయోగిస్తాము. మా సైట్‌ను కొనసాగించడం ద్వారా మీరు మా కుకీల వినియోగాన్ని అంగీకరిస్తున్నారు, గోప్యతా విధానం, మరియు సేవా నిబంధనలు.

    kntvtelugu
    kntvtelugu

    बुखार आने पर झट से खा लेते हैं दवाई, शरीर के साथ नाइंसाफी तो नहीं कर रहे आप?

    21 hours ago

    बुखार आना बहुत आम बात है. मौसम बदलने, बहुत मेहनत करने या वायरल संक्रमण के कारण शरीर का तापमान कभी-कभी बढ़ जाता है. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि तुरंत पैरासिटामॉल या इबुप्रोफेन जैसी दवा खा लें, ताकि बुखार जल्दी उतर जाए, लेकिन क्या हर बार बुखार आने पर दवा लेना सही है, एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता है. दरअसल, बुखार हमारे शरीर का एक प्राकृतिक बचाव तंत्र है. जब कोई वायरस या बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है, तो हमारा शरीर अपने तापमान को बढ़ा कर उनसे लड़ता है. इसलिए हर बुखार को तुरंत दबाने की जरूरत नहीं होती है तो आइए जानते हैं कि बुखार में दवा लेना कब सही है, कब नहीं और इसके लिए क्या करना चाहिए. 

    बुखार क्या है और क्यों आता है?

    बुखार शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया है. हल्का बुखार (99-100°F) आमतौर पर नुकसान नहीं करता, बल्कि शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. रिसर्च बताती है कि 100-102°F तक का हल्का बुखार शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में योगदान देता है. बुखार लगातार 103°F से ऊपर या तीन दिन से ज्यादा समय तक बने रहने पर ही डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. 

    हर बार दवा लेना क्यों गलत है?

    लोग बुखार आते ही तुरंत दवा खा लेते हैं. इससे लिवर और किडनी पर असर पड़ सकता है. अगर बुखार किसी गंभीर बीमारी जैसे डेंगू, मलेरिया या वायरल इंफेक्शन की वजह से है, तो सिर्फ बुखार उतारने से बीमारी ठीक नहीं होगी. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 60 प्रतिशत लोग बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा लेते हैं. इससे दवा का असर कम हो सकता है और साइड इफेक्ट्स का खतरा बढ़ जाता है. 

    यह भी पढ़ें - अपनी व्रत की थाली को ऐसे बनाएं हेल्दी, नहीं तो ज्यादा कैलोरी के चक्कर में बढ़ जाएगा वजन

    बुखार में दवा लेना कब सुरक्षित है?

    हल्का बुखार (99-101°F) में अगर कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं जैसे ज्यादा थकान, सांस लेने में दिक्कत या त्वचा पर दाने, तो एक या दो बार दवा लेना सुरक्षित माना जाता है.दवा सिर्फ लक्षणों को कम करती है, बीमारी की जड़ को नहीं. हल्का बुखार हो तो आराम करें, तरल पदार्थ पिएं और दवा सिर्फ असुविधा कम करने के लिए लें. 

    बुखार आने पर क्या करें?

    1. पानी पीते रहें - बुखार में शरीर से पानी जल्दी कम हो जाता है. पानी, नारियल पानी या ORS लें. 

    2. हल्का खाना खाएं - खिचड़ी, सूप, दलिया खाएं. तले-भुने या भारी खाने से बचें. 

    3. आराम करें - शरीर को रेस्ट की जरूरत है. ज्यादा मेहनत न करें. 

    4. साफ-सफाई रखें - बार-बार हाथ धोएं और संक्रमण को फैलने से रोकें. 

    5. थर्मामीटर से बुखार मापें - मलाशय, कान या माथे से तापमान नापें. 

    बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने के नुकसान

    1. बुखार की असली वजह छुप सकती है, जैसे मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, हेपेटाइटिस 

    2. ज्यादा दवा लेने से लिवर पर असर पड़ सकता है. 

    3. अलग-अलग ब्रांड की दवाएं मिलाकर लेने से अनजाने में ओवरडोज हो सकता है. 

    4. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है.

    यह भी पढ़ें - Constipation Relief Tips: क्या सुबह-सुबह पानी पीने से सच में बन जाता है प्रेशर, कितनी सच है यह बात,

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

    ఇక్కడ క్లిక్ చేయండి ఇంకా చదవండి
    మునుపటి ఆర్టికల్
    अचानक से गिरने लगा है आपका भी वजन, कहीं शरीर में ये बीमारी तो नहीं?
    తర్వాత ఆర్టికల్
    PSL 2026 behind closed doors; Mohsin Naqvi warns of action against players joining IPL

    సంబంధిత అప్‌డేట్స్:

    మీరు ఖచ్చితంగా తొలగించాలనుకుంటున్నారా? ఈ కామెంట్ తొలగించబోతున్నారు..! తొలగించు రద్దు చేయి

    కామెంట్స్ (0)

      కామెంట్ రాయండి