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    Coughing At Night: रात में बिस्तर पर जाते ही आने लगती है खांसी, जानें क्यों हो रही यह समस्या?

    1 hour ago

    Why Do I Start Coughing When I Lie Down: खांसी कभी भी आ सकती है, लेकिन कुछ लोगों को खासतौर पर रात में बिस्तर पर जाते ही खांसी के दौरे पड़ने लगते हैं. दिनभर सब सामान्य रहता है, पर जैसे ही लेटते हैं, गला साफ करने की जरूरत महसूस होती है या लगातार खांसी शुरू हो जाती है. यही समस्या नाइट कफ कहलाती है. इसकी वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती और सुबह थकान, चिड़चिड़ापन और कमजोरी महसूस हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं यह किस कारण होता है और इसको रोकने के लिए क्या कर सकते हैं. 

    क्या होता है कारण?

    Medanta की डॉ. आकांक्षा रस्तोगी की रिपोर्ट के अनुसार, रात में खांसी बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, इसमें सोने का तरीका, कमरे का वातावरण, कुछ दवाइयां या शरीर से जुड़ी अंदरूनी समस्याएं शामिल होती हैं.  अक्सर एसिड रिफ्लक्स या जीईआरडी इसका बड़ा कारण होता है. लेटने पर पेट का एसिड गले की तरफ आ सकता है, जिससे सूखी खांसी शुरू हो जाती हैय इसी तरह एलर्जी, अस्थमा, निमोनिया, काली खांसी या सीओपीडी जैसी फेफड़ों की बीमारियां भी रात में खांसी को बढ़ा सकती हैं. 

    अस्थमा में धूल या हवा में मौजूद एलर्जन खांसी का कारण बनते हैं, जबकि सीओपीडी में जमा बलगम समस्या पैदा करता है. सर्दी या फ्लू के दौरान नाक का म्यूकस लेटते ही गले के पीछे बहने लगता है, जिसे पोस्टनैजल ड्रिप कहा जाता है और यही खांसी को ट्रिगर करता है इसके अलावा, कमरे की सूखी हवा गले में खुजली और जलन पैदा कर सकती है. कुछ दवाएं, जैसे बीटा-ब्लॉकर्स, एनएसएआईडी या एसीई इनहिबिटर्स, भी खांसी को बढ़ा सकती हैं. पीठ के बल सीधा लेटने से भी एयरवे साफ नहीं हो पाता और खांसी तेज हो सकती है.

    कैसे इससे बचा जा सकता है?

    डॉ. आकांक्षा के अनुसार,  रात की खांसी से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय मददगार हो सकते हैं. गीली खांसी में बलगम पतला करने वाली दवा, जैसे एक्सपेक्टोरेंट, काम आ सकती है. सूखी खांसी में सीमित मात्रा में कफ ड्रॉप्स ली जा सकती हैं. कमरे में 40 से 50 प्रतिशत नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर उपयोगी रहता है. ओवर-द-काउंटर कफ सप्रेसेंट भी राहत दे सकते हैं, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग डीकंजेस्टेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.

     सोने से पहले गुनगुने नमक पानी से गरारे करना, दिनभर पर्याप्त पानी पीना और बिस्तर पर सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोना भी मदद करता है. एक चम्मच शहद या गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना गले को आराम देता है. सोने से पहले गर्म पानी से नहाना भाप के कारण जकड़न कम कर सकता है. यदि आप स्मोकिंग करते हैं, तो इसे छोड़ना सबसे बड़ा कदम हो सकता है और अक्सर एक हफ्ते में ही फर्क दिखने लगता है.

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    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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