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    Side Effects Of Eating Fish And Curd: क्या मछली और दही एक साथ खाने से हो जाती है सफेद दाग की समस्या, कितनी सच है ये बात?

    2 hours ago

    Can Eating Fish And Curd Together Cause Skin Problems: बचपन से हममें से कई लोगों ने यह बात सुनी है कि मछली खाने के बाद दूध या कोई भी डेयरी उत्पाद नहीं लेना चाहिए, वरना त्वचा पर सफेद दाग हो सकते हैं. घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर इस कॉम्बिनेशन से बचने की सलाह देते रहे हैंय लेकिन क्या सच में इसका कोई वैज्ञानिक आधार है या यह सिर्फ एक पुरानी मान्यता है?. चलिए आपको बताते हैं कि क्या है इसके पीछे की सच्चाई. 

    क्या है धारणा?

    लोक मान्यता के अनुसार, मछली और दही साथ लेने से त्वचा पर असमान सफेद धब्बे पड़ सकते हैं, जिन्हें विटिलिगो या ल्यूकोडर्मा कहा जाता है. एक और तर्क यह दिया जाता है कि दही की तासीर ठंडी होती है और मछली की गर्म होती है और इन्हें पचाने के लिए अलग-अलग एंजाइम की जरूरत होती है. ऐसे में शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. 

    आयुर्वेद में भी इसको वर्जित माना गया है. मछली को तामसिक और दूध को सात्विक आहार की कैटेगरी में रखा जाता है. माना जाता है कि दोनों का एक साथ सेवन शरीर में तामस गुण बढ़ाकर असंतुलन पैदा कर सकता है. हालांकि यह दृष्टिकोण पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है. 

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

    साइंटफिक नजरिए से देखें तो मछली के साथ दही पीना हानिकारक है, ऐसा साबित करने वाला कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है. डॉ. सौरोजीत गुप्ता, बेबी एंड चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने अपने वीडियो में बताया कि ऐसा नहीं है.  जहां तक सफेद दाग की बात है, विटिलिगो आमतौर पर त्वचा की रंग बनाने वाली सेल्स मेलानोसाइट्स के नष्ट होने या किसी फंगल इंफेक्शन के कारण होता है. केवल मछली और दही का साथ सेवन इस स्थिति का कारण नहीं बनता.

     

     
     
     
     
     
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    कब होती है दिक्कत?

    आम तौर पर थोड़ी मात्रा में दोनों साथ खाना सुरक्षित माना जाता है, मगर कुछ लोगों को दिक्कत हो सकती है. मछली और दही दोनों ही प्रोटीन से भरपूर होते हैं और इन्हें पचाने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है. ऐसे में जिनका डाइजेशन सिस्टम सेंसिटिव  है, उन्हें गैस, पेट फूलना या अपच महसूस हो सकती है. लैक्टोज इनटोलरेंस या दूध प्रोटीन से एलर्जी वाले लोगों में त्वचा पर खुजली, रैशेज या एक्जिमा जैसे लक्षण उभर सकते हैं. कुछ मामलों में मछली में मौजूद हिस्टामिन और डेयरी का लैक्टोज सेंसिटिव लोगों में मुंहासों या स्किन फ्लेयर-अप को बढ़ा सकते हैं. हालांकि, हर व्यक्ति की सहनशक्ति अलग होती है. अगर कोई एलर्जी या डाइजेशन समस्या नहीं है, तो सीमित मात्रा में यह कॉम्बिनेशन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है.

    ये भी पढ़ें-Women Health Issues: भारत में 70% महिलाएं चुपचाप सहती हैं ये तकलीफें, डॉक्टर से जानें कब आपको सावधान होने की जरूरत?

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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